Meerut Blue Drum Case: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा, जज ने कहा - सजा देना भी धर्म है
Meerut Blue Drum Case में बड़ा फैसला। कोर्ट ने Muskan Rastogi और Sahil Shukla को फांसी की सजा सुनाई। जज ने कहा अपराधियों को सजा देना भी धर्म है।
प्रज्ञा मिश्रा । मेरठ, 14 अक्टूबर - यूपी के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में आज अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
कोर्ट का बड़ा फैसला:
मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने आज मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुना दी है। दोनों को धारा 302 के तहत 50,000 रुपये और धारा 238A के तहत 20,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि यह सुनियोजित और बेरहम हत्या थी।
महाभारत का जिक्र:
सजा सुनाते हुए जज ने महाभारत और गीता का जिक्र किया और कहा कि "अपराधियों को सजा देना भी धर्म है।" सजा सुनते ही दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रोने लगे।
क्या था पूरा मामला:
यह मामला 3 मार्च 2025 का है। मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव के 3 टुकड़े कर नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया गया था। पुलिस ने मार्च 2025 में ड्रम से शव बरामद किया था।
13 महीने, 126 सुनवाई:
इस केस में 13 महीने तक 126 सुनवाई हुई, 22 गवाहों के बयान हुए। 30 सितंबर 2026 को कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया था और आज सजा पर फैसला सुनाया।
परिवार का रिएक्शन:
फैसले के बाद मृतक सौरभ की मां ने कहा कि "अगर साथ नहीं रहना है तो अलग हो जाओ, किसी की जान मत लो, हमें न्याय मिल गया।" मुस्कान के माता-पिता ने पहले ही लिखित में दिया था कि बेटी को फांसी हो तो उन्हें आपत्ति नहीं। फैसले के बाद कचहरी में वकीलों ने मिठाई बांटी।


