Kanpur Barra Kabristan Bulldozer Case: हाईकोर्ट ने KDA को लगाई फटकार, 5 दिन में मांगा जवाब, SC गाइडलाइन उल्लंघन पर यथास्थिति का आदेश

कानपुर के बर्रा कब्रिस्तान पर बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज। कोर्ट ने KDA से 5 दिन में काउंटर एफिडेविट मांगा और सुप्रीम कोर्ट की 15 दिन वाली गाइडलाइन के उल्लंघन पर 23 अक्टूबर तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। Writ No. 41322/2026

Kanpur Barra Kabristan Bulldozer Case: हाईकोर्ट ने KDA को लगाई फटकार, 5 दिन में मांगा जवाब, SC गाइडलाइन उल्लंघन पर यथास्थिति का आदेश

एड० कौस्तुभ त्रिपाठी ।प्रयागराज/कानपुर - कानपुर के बर्रा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है।

हाईकोर्ट की डबल बेंच (Court No. 29) में जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस कुणाल रवि सिंह ने Writ-C No. 41322 of 2026 (Muslim Kabristan Committee Vs State of U.P. And 6 Others) पर सुनवाई करते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) से 5 दिनों के अंदर विशिष्ट जवाबी हलफनामा तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?

याची के अधिवक्ता जयंत कुमार के अनुसार, KDA ने विलेज बर्रा, कानपुर नगर के प्लॉट नंबर 314, 315 और 316 को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था। जवाब के बाद प्राधिकरण ने 15.09.2026 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया।

यह आदेश 17.09.2026 को स्पीड पोस्ट से मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी को भेजा गया, जो उसे 18.09.2026 की शाम को प्राप्त हुआ। लेकिन प्राधिकरण ने अगले ही दिन 19.09.2026 को सुबह 4 बजे कब्रिस्तान का ध्वस्तीकरण कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन

अधिवक्ता जयंत कुमार ने तर्क दिया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन In Re: Directions In The Matter of Demolition of Structures, 2025 (5) SCC 1 के खिलाफ है।

हाईकोर्ट ने अपने ऑर्डर के पैरा 2 में उसी गाइडलाइन को कोट किया है:

"D. AN OPPORTUNITY OF APPELLATE AND JUDICIAL SCRUTINY OF THE FINAL ORDER - i. the order will not be implemented for a period of 15 days from the date of receipt thereof. ii. An opportunity should be given to the owner/occupier to remove the unauthorized construction within a period of 15 days. Only after the period of 15 days... the concerned authority shall take steps to demolish the same."

हाईकोर्ट के 4 बड़े निर्देश

1. KDA के अधिवक्ता अभिनव कृष्ण श्रीवास्तव 5 दिन में काउंटर एफिडेविट दाखिल करें।

2. केस की अगली सुनवाई 23.10.2025 को होगी।

3. याची को प्रॉपर्टी के टाइटल और कमेटी के गठन के रिकॉर्ड पेश करने होंगे।

4. Till then, status-quo, as on today, shall be maintained - यानी मौके पर यथास्थिति बरकरार रहेगी।