Shraddha Dubey Arrested: 11 दिन की फरारी खत्म, लखनऊ कैफे मालिक हत्याकांड में मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार
Model Shraddha Dubey Arrested: लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर को यूपी STF ने नागपुर से गिरफ्तार किया। जानिए पूरी खबर।
डेस्क । लखनऊ के बहुचर्चित कैफे मालिक हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली है। 11 दिन से फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश STF और लखनऊ पुलिस की जॉइंट टीम ने मंगलवार 20 अक्टूबर को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
9 अक्टूबर की रात लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत हो गई थी। शिवा लखनऊ में एक कैफे चलाता था और बताया जा रहा है कि वह श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन में रहता था।
शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में हत्या का केस दर्ज हुआ। आरोप है कि शिवा को प्रताड़ित किया गया था।
11 दिन तक कैसे भागती रही?
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार थे। श्रद्धा पहले लखनऊ से आगरा, फिर रायबरेली और नेपाल तक भागी, इसके बाद वह नागपुर के चिंचभुवन इलाके में एक फ्लैट में छिपी हुई थी। यूपी पुलिस ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और नागपुर क्राइम ब्रांच की मदद से उसे ट्रेस किया।
फरारी के दौरान पुलिस ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हजार कर दिया गया था।
वीडियो जारी कर खुद को बताया बेगुनाह
फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे के 3 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। वीडियो में उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि शिवा 15-20 लाख रुपये के कर्ज में था और आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या की बात कहता था। श्रद्धा का दावा है कि 9 अक्टूबर को शिवा बाथरूम में गया और फिर बालकनी से कूद गया।
वहीं, शिवा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 11 चोटों के निशान और लिवर व फेफड़े फटने की बात सामने आई है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।
पुलिस अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही बरतने पर यूपी सरकार ने जांच की निगरानी कर रहे DCP विक्रांत वीर को हटाकर DGP ऑफिस से अटैच कर दिया है और हजरतगंज SHO विक्रम सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
फिलहाल यूपी STF तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


