Delhi Tiranga March: अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत 150 हिरासत में, कनॉट प्लेस छावनी में तब्दील

दिल्ली में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च पर हंगामा, अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत 150 लोग हिरासत में। CP में धारा 163 लागू, भारी पुलिस बल तैनात।

Delhi Tiranga March: अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत 150 हिरासत में, कनॉट प्लेस छावनी में तब्दील

नई दिल्ली:डेस्क । राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च पुलिस की सख्ती के बीच शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत अब तक 150 से ज्यादा लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है।

क्यों बुलाया था ये तिरंगा मार्च?

दरअसल, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने दो साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में आज 16 अक्टूबर शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान किया था। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के आरोप में 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। जंतर-मंतर को केंद्र ने हाल ही में प्रोटेस्ट साइट की लिस्ट से हटा दिया था। दीपके ने कहा था - "तिरंगा लहराना अपराध है क्या? अगर है तो आज सब मिलकर लहराएंगे।"

आज दिल्ली में सुबह से क्या-क्या हुआ - पूरा टाइमलाइन

1. सुबह 20 पुलिसकर्मियों ने घर पर दिया नोटिस: 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी अभिजीत दीपके के झंडेवालान स्थित घर पर पहुंचे। 2 नोटिस दिए - पहला, CP नोटिफाइड प्रोटेस्ट साइट नहीं है, धारा 163 BNSS लगी है, वहां मत आओ। दूसरा, आपने कोर्ट में एक साल तक शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरा है, उसका पालन करो। पुलिस ने 11 लोगों के साथ मार्च की परमिशन ऑफर की, जिसे दीपके ने ठुकरा दिया।

2. दोपहर में अभिजीत दीपके हिरासत में: जैसे ही दीपके तिरंगा लेकर CP के लिए निकले, पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया। वीडियो में पुलिस अधिकारी कहते सुनाई दे रहे हैं - "We are placing you under preventive detention." दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब उन्हें हिरासत में लिया गया है।

3. मंडी हाउस से AISA अध्यक्ष नेहा बोरा हिरासत में: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा जब मंडी हाउस से CP की ओर मार्च निकाल रही थीं, तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। AISA का आरोप है कि नेहा का फोन छीन लिया गया और उन्हें "अनजान जगह" ले जाया गया है, ये हिरासत नहीं अपहरण है।

4. कनॉट प्लेस बना छावनी - 28,000 जवान तैनात: NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए बंद कर दिया। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, मेट्रो स्टेशनों पर 6000 दिल्ली पुलिस और 220 कंपनियां CAPF (22,000 जवान) + RAF तैनात। हर रास्ते पर मल्टी लेयर बैरिकेडिंग, 10 से ज्यादा CCTV से निगरानी और ट्रैफिक पूरी तरह डायवर्ट कर दिया गया।

5. फिर भी हुआ फ्लैश प्रोटेस्ट: पुलिस की सख्ती के बावजूद SFI, DYFI, AISF, AIYF के 80-100 कार्यकर्ता CP के इनर सर्कल में घुस गए। हाथ में तिरंगा, 'जय हिंद' के नारे और राष्ट्रगान गाकर पुलिस के आने से पहले ही दूसरी जगह भाग जाने की रणनीति अपनाई। CPI(M) के 4 सांसद जॉन ब्रिटास, वी शिवदासन, एए रहीम और संतोष कुमार भी 100 समर्थकों के साथ CP पहुंच गए।

6. कुल 150 लोग हिरासत में: दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक शाम 7:30 बजे तक 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए जा चुके हैं। कई को बसों में भरकर अलग-अलग थानों में ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस अब दीपके के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

मुंबई में मिली इजाजत, दिल्ली में नहीं: दिल्ली में जहां रोक है, वहीं मुंबई के आजाद मैदान में पुलिस ने CJP को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक तिरंगा मार्च की इजाजत दे दी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। बेंगलुरु में टाउन हॉल की परमिशन नहीं मिली।

सियासी बयानबाजी तेज: AAP ने इस मार्च का समर्थन किया है। अरविंद केजरीवाल ने X पर लिखा - "ये तो सरासर तानाशाही है। क्या तिरंगा लहराना जुर्म है?" वहीं नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कहा - "विरोध का हक है, लेकिन CP क्यों? 15 लाख व्यापारियों का रोज का कारोबार 200-250 करोड़ है।"

क्या है असली मुद्दा - SIR विवाद: CJP का आरोप है कि वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) में 13 करोड़ वोटों में हेरफेर किया गया है और चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। इसी को लेकर 6 दिन से दिल्ली में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।